इसमें समाज का वह मोखुटा दिखाया गया है , जो हमारे दैनिक जीवन में अपने आस-पास प्रतिदिन दिखने को मिलता है ! परन्तु सब यही बोल कर छोड़ देते है कि " हम को क्या करना है " ....!
हम समाज की नजर में अपने आप को एक समाज-सुधारक बनाने के लिए लोगों से क्या कुछ नही बोलते , दिखावे के जिंदगी से तुम लोगों परेशान नही होते क्या ?
हम वो हर वाणी बोल देते है जो कैसे को भी गुमहार करने के लिए उचित हो ! मेरा उन्ही लोगों एक प्रश्न है ऐसा कर के तुम कैस आधुनिक समाज की बात करते हो ?
यह वही लोगों होते है जो एक आम आदमी के जीवन मैं असमंस और परिशिनो का तूफान लाते है और वो कभी भी समझ नही पाते है के क्या हुआ और क्या नही ?
Article 15 यह उन फिल्मों में आते है जो हमारी ही समाज के 2 चचरे दिखती है !
Article15 में एक वर्ण है, जो लगभग पूरी फिल्म का नजरिया बदल देता है " औकात "
मुझे कोई बताया औकात होती क्या है ? अगर एक इंसान समाज में अपने आप को ऊंचा दर्जा देने के लिए अपने जैसे हाड मांस के लोगों को हत्या कर या अश्लीलता की हरकत कर के ऊपर पहुंचे उसे औकात बोलते हैं , वाह वाह वाह वाह वाह क्या बात है तो आप से महान मूर्ख इस दुनिया में और कोई नहीं !
मंदिर जाने , साथ खाना खाने , साथ में उठने बैठने , ऊंची आवाज में बात करने , अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने इत्यादि से अगर आपकी औकात कम होती है तो आप फिर इंसान नहीं !
आर्टिकल 15 तो बस 1 सच्ची घटना पर आधारित एक व नाटक है जो लोगों को दर्शाया गया है कि आप जिस समाज में रहते हैं वहा ऐसा भी होता है 🙄?
हमारे देश में ऐसे प्रतिदिन कई केस बनते हैं जो इतने खतरनाक और भयानक होते हैं कि वह हमारे सामने कभी आ ही नहीं पाते ! हमारे देश में ऐसे कई महान व्यक्ति हैं जो अपने दर्जे का गलत इस्तेमाल करके लोगों के मौलिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं !
मेरा कैसे को दुःख पहुंचाने का इरादा नहीं है मैं आज के समाज को देखकर अपने विचार प्रस्तुत कर रहा हूं !
हम समाज की नजर में अपने आप को एक समाज-सुधारक बनाने के लिए लोगों से क्या कुछ नही बोलते , दिखावे के जिंदगी से तुम लोगों परेशान नही होते क्या ?
हम वो हर वाणी बोल देते है जो कैसे को भी गुमहार करने के लिए उचित हो ! मेरा उन्ही लोगों एक प्रश्न है ऐसा कर के तुम कैस आधुनिक समाज की बात करते हो ?
यह वही लोगों होते है जो एक आम आदमी के जीवन मैं असमंस और परिशिनो का तूफान लाते है और वो कभी भी समझ नही पाते है के क्या हुआ और क्या नही ?
Article 15 यह उन फिल्मों में आते है जो हमारी ही समाज के 2 चचरे दिखती है !
Article15 में एक वर्ण है, जो लगभग पूरी फिल्म का नजरिया बदल देता है " औकात "
मुझे कोई बताया औकात होती क्या है ? अगर एक इंसान समाज में अपने आप को ऊंचा दर्जा देने के लिए अपने जैसे हाड मांस के लोगों को हत्या कर या अश्लीलता की हरकत कर के ऊपर पहुंचे उसे औकात बोलते हैं , वाह वाह वाह वाह वाह क्या बात है तो आप से महान मूर्ख इस दुनिया में और कोई नहीं !
मंदिर जाने , साथ खाना खाने , साथ में उठने बैठने , ऊंची आवाज में बात करने , अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने इत्यादि से अगर आपकी औकात कम होती है तो आप फिर इंसान नहीं !
आर्टिकल 15 तो बस 1 सच्ची घटना पर आधारित एक व नाटक है जो लोगों को दर्शाया गया है कि आप जिस समाज में रहते हैं वहा ऐसा भी होता है 🙄?
हमारे देश में ऐसे प्रतिदिन कई केस बनते हैं जो इतने खतरनाक और भयानक होते हैं कि वह हमारे सामने कभी आ ही नहीं पाते ! हमारे देश में ऐसे कई महान व्यक्ति हैं जो अपने दर्जे का गलत इस्तेमाल करके लोगों के मौलिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं !
मेरा कैसे को दुःख पहुंचाने का इरादा नहीं है मैं आज के समाज को देखकर अपने विचार प्रस्तुत कर रहा हूं !
#जब_तक_हम_लड़ेंगे_नहीं_तब_तक_सुधरेंगे_नही "
@nicki_hazel